हर व्यक्ति अपनी चेतना के स्तर अनुसार ही देखता ,सुनता और बोलता है।
Author Archives: Avinash barle
जीवन नित्य उत्सव है
समाधानित होने से जीवन में नित्य उत्सव है। समाधान का अर्थ है क्यों जीना ?और कैसे जीना? का उत्तर पता होना। ए.नागराज जी द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पुस्तक का अध्ययन से समझ में आता है। कि क्यों जीना= निरंतर सुखी होने के लिए जीना। और कैसे जीना=न्याय (उभयतृप्ति) पूर्वक जीना। इस प्रकार यदि समझ से जीना होता है, तो जीवन में नित्य उत्सव है। इससे भिन्न स्थिति जिंदा रहना कहलाता है, जीना नहीं।